किसानो के लिए फिक्रमंद अकाली दल

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पंजाब सरकार द्वारा किसानों को दी जा रही कर्ज राहत पर अकाली दल ने गन्ना किसानों के हवाले से चोट की है जिसमें अकाली दल का कहना है कि पंजाब सरकार लगातार कर्जा माफी को लेकर किसानों से धोखा कर रही है क्योंकि जब कोई चुनाव होते हैं तब उसके नजदीक एक छोटा सा समागम कर थोड़े से चेक किसानों को दिए जाते हैं और अपनी एक बड़ी प्राप्ति दर्शाने की कोशिश करती है जब लोकसभा चुनाव आए थे तो उस समय गुरदासपुर में चेक बांटे गए जब शाहकोट के चुनाव आए थे तब वहां पर भी चेक बांटे गए और फिर ब्लॉक समिति चुनाव आए तो उसके नजदीक किए गए अप पंचायती चुनाव है तो इसलिए फिर से समागम रखा गया है जबकि असल में अगर आप रहा देना चाहते हो तो एक बार जब समागम कर शुरुआत कर दी तो उसके बाद सीधा किसान को फायदा मिलना चाहिए क्योंकि एक नीति बनाकर के सीधा किसानों के खातों में पैसे जाने चाहिए अगर बात की जाए तो क्या कोऑपरेटिव बैंकों के सभी कर्जे माफ हो गए यह भी जांच का विषय है असल में यह किसानी का मजाक उड़ाया जा रहा है बात की जाए गन्ने की तो गन्ना किसानों को अभी तक अदायगी नहीं की जबकि 400 करोड़ों पर बाकी है उसमें किसी तरह का ब्याज भी नहीं देना जो कि देखा जाए जो फसल के सामने बेची उसका पैसा तो सरकार दे नहीं रही है तो कर्जा माफी को किस तरह से सच माना जाए.
शाहपुर कंडी डैम बने के पंजाब के हित में है और उसकी समर्था बड़े जिससे पंजाब में ऊर्जा का विकास हो और लोगों को इसका फायदा मिले अगर अकाली दल के सरकार के समय की बात करें तो हमने जितनी उर्जा चाहिए थी उसको पूरा हमने किया साथी डिमांड जिस तरह से लगातार बढ़ रही है तो उसमें जरूरत है कि ऊर्जा के साधन और ज्यादा बढ़े।
इंसान मोर्चा अमृतसर में शुरू किया जा रहा है तो उसमें अकाली दल ने हमला बोलते हुए कहा कि बर गाड़ी मोर्चा खत्म हो रहा है तो इंसाफ मोर्चे की शुरुआत की जा रही है क्योंकि जो मोर्चा शुरू करने वाली फौज है वही पुरानी है यह जो एबी टीम है वह कांग्रेस की ही है किसको कहां बिठाना है कहां पर चलाना है वह कांग्रेस ही निश्चित करती है इसमें समझा जा सकता है कि अगर इंसाफ मोर्चा शुरू करना है तो एक मोर्चा खत्म करना होगा जैसे की बर गाड़ी का मोर्चा अब खत्म किया जा रहा है कांग्रेस ने इसलिए यह खेल चलाया है कि अपनी नाकामियों को छुपाया जा सके।

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