प्रिंसीपल बुद्धराम ने कैप्टन सरकार को बताया तानाशाह

19-Jan-15 13:15:30
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आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब की राज्य कोर कमेटी के चेयरमैन और विधायक प्रिंसिपल बुद्धराम ने कैप्टन अमरिन्दर सिंह सरकार की तरफ से अपनी, जायज मांगों के लिए संघर्ष कर रहे अध्यापक नेताओं को बर्खास्त करने की जोरदार निंदा की है। ‘आप’ ने कैप्टन सरकार के इस तानाशाही फैसले को रद्द करने की मांग की।
पार्टी हैडक्वाटर द्वारा जारी ब्यान में प्रिंसिपल बुद्धराम ने कहा कि अध्यापक नेता हरदीप सिंह टोडरपुर और उनके 4 अन्य अध्यापक साथियों को बर्खास्त करने की कार्यवाही पूरी तरह गैर प्रजातांत्रिक और तानाशाही है। प्रिंसिपल बुद्धराम ने कहा कि रमसा और एस.एस.ए अधीन कई-कई तरह से भर्ती प्रक्रिया द्वारा नियुक्त हुए हजारों अध्यापकों के वेतन में 70 प्रतिशत तक के कटौती करने वाले तुगलकी फरमान के विरुद्ध यह अध्यापक नेता संघर्ष कर रहे थे, अध्यापकों के इस संघर्ष को दबाने के लिए कैप्टन सरकार अध्यापक नेताओं को बर्खास्त करने तक चली गई, जबकि रमसा /एसएसए अध्यापक सही और सरकार गलत है।
प्रिंसिपल बुद्ध राम ने कहा कि घर-घर सरकारी नौकरी देने वाले वायदे से भागी कैप्टन सरकार को कोई नैतिक हक नहीं है कि यह किसी की भी लगी हुई नौकरी छीन ले। इस लिए मुख्य मंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह और शिक्षा मंत्री ओ.पी सोनी को अपने इस फैसले पर फिर से विचार करना चाहिए।
प्रिंसिपल बुद्ध राम ने कहा कि आम आदमी पार्टी इन अध्यापकों के साथ डट कर खड़ी है। उन्होंने पार्टी के लीगल विंग की ओर से इन अध्यापकों को मुफ्त कानूनी सहायता देने की भी पेशकश की।


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