24 घंटे धरने पर बैठेंगे सुखबीर बादल

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शिरोमणी अकाली दल के अध्यक्ष सरदार सुखबीर सिंह बादल ने आज देश के सभी सकारात्मक सोच रखने वाले लोगों तथा सिख संगतों को कांग्रेस सरकार द्वारा जान-बूझकर व लगातार महान सिख गुरु साहिबानों का अपमान करने के लिए रची साजिश के विरूद्ध शुरू की जा रही लड़ाई में शामिल होने के लिए कहा है। इस बुरे लक्ष्य के लिए सरकार द्वारा 12वीं कक्षा की इतिहास की पुस्तकों का प्रयोग किया जा रहा है।
सरदार बादल ने ऐलान किया कि पंजाब के बच्चों को मुगल शासकों द्वारा द्वैष भावना तहत् तैयार करवाया  गुरु इतिहास पढ़ाकर सिख गुरु साहिबानों का जानबूझकर व बार बार अपमान करने के लिए मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह व कांग्रेस पार्टी की सरकार को खालसा पंथ से माफी मांगनी के लिए मजबूर करने के लिए एक बड़ा आंदोलन किया जाएगा। इस आंदोलन की शुरूआत कल श्री अकाल तख्त साहिब पर अरदास से की जाएगी।
इस संबध में कल श्री अमृतसर में एक 48 घंटे लंबा रोष धरना शुरू किया जाएगा, जिसकी अगुआई पहले 24 घंटे अकाली दल के अध्यक्ष करेंगें। बाद के 24 घंटे इस धरने की अगुआई शिरोमणी गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष जत्थेदार गोबिंद सिंह लौंगोवाल द्वारा की जाएगी। सरदार बादल ने कहा कि यदि कांग्रेस सरकार ने इस घिनौने अपराध के लिए माफी न मांगी यां दोषियों को सजा न दी तो इस आंदोलन की अगली रूपरेखा के बारे में जानकारी रोष धरने की समाप्ति पर दी जाएगी।
सरदार बादल ने कहा कि कांग्रेसी नेताओं के अंदर उन मुगलों की आत्मा प्रवेश कर गई है, जिनके अत्याचारों के खिलाफ लड़ते हुए गुरु साहिबानों ने बड़ी कुर्बानियां दी थी। यही वजह है कि वह पंजाब में बच्चों को गुरु साहिबानों के बारे में मुगल शासकों द्वारा द्वैष भावना से तैयार करवाया इतिहास पढ़ाने पर जोर दे रहें हैं। उन्होने कहा कि पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा तैयार की नई व पुरानी पुस्तकों में उन्ही झूठी तथा बेबुनियादी बातों को शामिल किया गया था, जो मुगलों द्वारा सिख गुरु साहिबान के विरूद्ध फैलाई गई थी। उन्होने कहा कि सबसे बूरी बात तो यह है कि खालसा पंथ द्वारा सख्त विरोध करने के बावजूद कांग्रेस सरकार इन झूठी बातों को सही ठहराने की कोशिश करने में लगी हुई है।
सरदार बादल ने इतिहास से छेड़छाड़ के कारण गुरु साहिबानों का अपमान करने के लिए जिम्मेवार सभी व्यक्तियों के लिए सख्त सजा दिए जाने की मांग भी की। उन्होने कहा कि सिख गुरु साहिबानों का अपमान करने के इस बड़े गुनाह को सिर्फ बेअदबी वाली पुस्तकों को वापिस लेकर नही बख्शाया जा सकता।
सरदार बादल ने कहा कि सरकार को इस बड़े गुनाह के लिए माफी मांगने तथा दोषी व्यक्तियों को अनुकरणीय दंड दिलाने के लिए मजबूर करने के लिए बड़े आंदोलन की शुरूआत कल को श्री अमृतसर साहिब में श्री अकाल तख्त साहिब पर अरदास करने के बाद की जाएगी।

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